Monday, February 13, 2017

Friday, January 31, 2014

शिक्षक की सामाजिक हैसियत

शिक्षक की सामाजिक हैसियत

किसी भी समाज व देश के विकास में शिक्षा अपनी अहम भूमिका निभाती है। इस विकास की प्रक्रिया में शिक्षक का स्थान सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। पिछले बीस वर्षों में स्कूली शिक्षा का विस्तार हुआ, समाज में बच्चों कि स्थिति , पाठ्यचर्या सुधार आदि की दिशा में सकारात्मक प्रयास किए गए, पर अध्यापक के पेसे के साथ लगातार दोयम दर्जे का व्यवहार होता रहा। छठे वेतन आयोग ने नए वेतनमान दिए, पर इस आयोग के लागू होने के बहुत  पहले बड़ी संख्या में अनेक राज्यो में पारा-शिक्षक , शिक्षा-मित्र , संविदा शिक्षक , पंचायत शिक्षक , प्रखण्ड शिक्षक  आदि भांति-भाति के नामों से जाना जाने वाला सम्पूर्ण हिन्दी भासी राज्यों में एक प्रकार का अर्ध-शिक्षक बल खड़ा किया जा चुका था। जिनकी मासिक आय रास्ट्रिय वेतन आयोग द्वारा निर्धारित न्यूनतम  वेतन की आधी भी नहीं थी।   देश कि सर्वोच्च न्यायिक संस्था ने तो इन्हे शिक्षा का शत्रु तक बता डाला।  

                       बहरहाल एक तरफ शिक्षा के अधिकार  कानून का कागज लिए करोड़ों बच्चे शिक्षा का हक मांगने निकलें हैं, दूसरी तरफ उनके अधिकार को यथार्थ बनाने वाला व्यक्ति स्वयं संघर्षरत है। फिर सवाल उठता है की सामाजिक और आर्थिक हैसियत से ठोकर खाता यह पेसा क्या स्वयं के अस्तित्व को बचा पाएगा?

Wednesday, April 18, 2012

तपस्या कीजिये मैं तो तापस भाव भर दूंगा ! तिमिर जब छाएगा – उजेले राहभर दूंगा !!

Gamgeen hun phir v muskurana chahta hun,
Khamosh chehron ko hasana chahta hun,
Bana dunga ek din iss zami ko jannat,
Mai SAHIL hu ashiyana chahta hu.

Monday, August 4, 2008

कहा कोई मिला जिसपर दुनिया लुटा देते
हर एक ने दिया धोखा किस किस को भुला देते
अपने दिल का दर्द दिल में दबाये रखा
जो करते बयां तो महफ़िल को रुला देते ।

Saturday, August 2, 2008

किसी की आँखों मे मोहब्बत का सितारा होगा
एक दिन आएगा कि कोई शक्स हमारा होगा

कोई जहाँ मेरे लिए मोती भरी सीपियाँ चुनता होगा
वो किसी और दुनिया का किनारा होगा

काम मुश्किल है मगर जीत ही लूगाँ किसी दिल को
मेरे खुदा का अगर ज़रा भी सहारा होगा

किसी के होने पर मेरी साँसे चलेगीं
कोई तो होगा जिसके बिना ना मेरा गुज़ारा होगा

देखो ये अचानक ऊजाला हो चला,
दिल कहता है कि शायद किसी ने धीमे से मेरा नाम पुकारा होगा

और यहाँ देखो पानी मे चलता एक अन्जान साया,
शायद किसी ने दूसरे किनारे पर अपना पैर उतारा होगा

कौन रो रहा है रात के सन्नाटे मे
शायद मेरे जैसा तन्हाई का कोई मारा होगा

अब तो बस उसी किसी एक का इन्तज़ार है,
किसी और का ख्याल ना दिल को ग़वारा होगा

ऐ ज़िन्दगी! अब के ना शामिल करना मेरा नाम
ग़र ये खेल ही दोबारा होगा

नैनो मे बसे है ज़रा याद रखना

नैनो मे बसे है ज़रा याद रखना,
अगर काम पड़े तो याद करना,
मुझे तो आदत है आपको याद करने की,अगर हिचकी आए तो माफ़ करना.......
ये दुनिया वाले भी बड़े अजीब होते हैकभी दूर तो कभी क़रीब होते है
ना बताओ तो हमे कायर कहते हैऔर दर्द बताओ तो हमे शायर कहते है .......
एक मुलाक़ात करो हमसे इनायत समझकर,हर चीज़ का हिसाब देंगे क़यामत समझकर,
मेरी दोस्ती पे कभी शक ना करना,हम दोस्ती भी करते है इबादत समझकर.........
ख़ामोशियों की वो धीमी सी आवाज़ है ,तन्हाइयों मे वो एक गहरा राज़ है ,
मिलते नही है सबको ऐसे दोस्त ,आप जो मिले हो हमे ख़ुद पे नाज़ है .......

Thursday, July 31, 2008

Jindagi

Jindagi aur maut uper wale ke haath me hai jahapanah.............